The Red Ink
लखनऊ जिला अदालत परिसर के बाहर शनिवार सुबह उस वक्त तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब नगर निगम और प्रशासन की टीम अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची। कार्रवाई के दौरान वकीलों, दुकानदारों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठी पटककर प्रदर्शन कर रहे लोगों को पीछे हटाया। प्रशासन की टीम सुबह करीब 9 बजे कोर्ट परिसर के बाहर पहुंची। यहां सड़क, फुटपाथ और नाले की जमीन पर बने करीब 240 अवैध चैंबर और दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर 6 बुलडोजर, कई ट्रक और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी समेत 4 एसीपी भी मौके पर मौजूद रहे।
विरोध में सड़क पर बैठे वकील, लगे नारे
कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में वकील और दुकानदार मौके पर जुट गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। कुछ लोग राम दरबार की तस्वीरें लेकर विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से यहां चैंबर और दुकानें संचालित हो रही हैं और अचानक इस तरह कार्रवाई करना गलत है। इसी दौरान पुलिस ने लोगों को हटाने की कोशिश की तो बहस तेज हो गई। हालात ऐसे बने कि पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने लाठी फटकारते हुए भीड़ को पीछे धकेला, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
“36 साल से यहीं चैंबर है”, वकील की भावुक अपील
कार्रवाई के दौरान एक वरिष्ठ वकील पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पिछले 36 साल से उनका चैंबर वहीं है और इसे अवैध नहीं माना जाना चाहिए। वकील ने कहा कि अगर उनके चैंबर पर बुलडोजर चला तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। उनकी इस अपील के दौरान मौके पर मौजूद कई लोग भावुक नजर आए, लेकिन प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि जिला अदालत के बाहर लंबे समय से सड़क, फुटपाथ और नाले की जमीन पर कब्जा कर चैंबर और फोटोकॉपी की दुकानें बनाई गई थीं। इससे आम लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए पहले नोटिस जारी किए गए थे। कुछ लोगों ने खुद ही अपने निर्माण हटा लिए, लेकिन बड़ी संख्या में कब्जे बने रहने के बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।
मलबा हटाने के लिए लगाए गए ट्रक
नगर निगम की टीम बुलडोजर से निर्माण ढहाने के बाद मलबा ट्रकों में भरकर हटाती रही। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
कोर्ट परिसर के बाहर दिनभर तनावपूर्ण माहौल
कार्रवाई के चलते जिला अदालत के आसपास पूरे दिन तनाव का माहौल बना रहा। कई वकीलों ने प्रशासनिक कार्रवाई को कठोर बताया, जबकि अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के आदेश का पालन कराया जा रहा है और सार्वजनिक जमीन को खाली कराना जरूरी था।




