The Red Ink
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi से जुड़े कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में आज Allahabad High Court की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई होनी है। पिछली तारीख पर अदालत ने केस से जुड़े दस्तावेजों को सीलबंद रखने का आदेश दिया था, जिसके बाद आज की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं।
मामला क्या है और सुनवाई में क्या होगा?
यह पूरा मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी और उनके परिवार की संपत्तियों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि उनकी संपत्ति घोषित आय से अधिक हो सकती है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। आज की सुनवाई में कोर्ट सबसे पहले यह तय करेगा कि यह याचिका सुनवाई के योग्य है या नहीं। इसी आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
कोर्ट के पिछले आदेश क्यों हैं अहम?
7 मई को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सभी दस्तावेजों को सीलबंद रखने का निर्देश दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि इन रिकॉर्ड्स को वरिष्ठ रजिस्ट्रार की निगरानी में सुरक्षित रखा जाए और अगली सुनवाई में ही इन्हें खोला जाए। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे केस की संवेदनशीलता और गोपनीयता दोनों का संकेत मिलता है।
किन एजेंसियों को बनाया गया है पक्षकार?
इस मामले में कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों को पक्षकार बनाया गया है। इनमें Central Bureau of Investigation (CBI), Enforcement Directorate (ED), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, Ministry of Home Affairs, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) और उत्तर प्रदेश पुलिस शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने इन एजेंसियों से व्यापक जांच कराने की मांग की है।
राहुल गांधी से जुड़े अन्य मामलों की पृष्ठभूमि
राहुल गांधी पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। सुल्तानपुर में उनके खिलाफ 2018 का मानहानि केस लंबित है, जबकि लखनऊ में वीर सावरकर को लेकर दिए गए बयान पर भी मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा हाथरस की अदालत में भी एक मानहानि का मामला चल रहा है। इन सभी मामलों के चलते उनकी कानूनी स्थिति पहले से चर्चा में रही है।
पहले भी विवादों में रहा यह केस
अप्रैल 2026 में यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब सुनवाई कर रहे जज सुभाष विद्यार्थी ने पहले एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन अगले ही दिन अपने आदेश में बदलाव कर दिया। इसके बाद बढ़े विवाद के बीच उन्होंने खुद को इस केस से अलग कर लिया था, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया।
आगे की राह क्या होगी?
आज की सुनवाई इस पूरे मामले के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अगर अदालत याचिका को स्वीकार कर लेती है, तो जांच एजेंसियों की भूमिका और बढ़ सकती है और केस नई दिशा में आगे बढ़ेगा। वहीं, अगर याचिका खारिज होती है, तो मामला यहीं ठहर सकता है।




