The Red Ink
लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन अस्पताल साइट पर खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी खिसकने से दीवार धंस गई, जिसमें दो मजदूर दब गए। रेस्क्यू के बाद एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे का इलाज जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना सुबह करीब 10 बजे की है। एनटीपीसी बिल्डिंग और साइबर हाइट्स के पास बन रहे अस्पताल की नींव के पास मजदूर सफाई और खुदाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पीछे की मिट्टी भरभराकर गिर गई और दो मजदूर उसके नीचे दब गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन: आधे घंटे तक हाथों से मिट्टी हटाई
स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने खुद ही बचाव शुरू किया। करीब 30–40 मिनट तक हाथों से मिट्टी हटाकर मजदूरों को निकालने की कोशिश की गई। बाद में पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और रेस्क्यू तेज किया। दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन एक की हालत गंभीर थी।
एक मजदूर की मौत, दूसरा घायल
विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह के अनुसार मृतक की पहचान लक्ष्मी शंकर अवस्थी (35), निवासी बाराबंकी (रामनगर) के रूप में हुई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दूसरे मजदूर तुलसीराम को हल्की चोटें आईं, उनका इलाज Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में चल रहा है
निर्माण कार्य और जांच
मौके पर पहुंचे एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि निर्माण का नक्शा स्वीकृत है। जिस प्लॉट पर हादसा हुआ, वहां अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा था। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुल 4 मजदूर काम कर रहे थे। मिट्टी खिसकते ही 2 मजदूर बाहर निकल गए बाकी 2 निकलने की कोशिश कर ही रहे थे कि मिट्टी गिर गई।
मुआवजा घोषित
प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान एसीएम सचिन वर्मा ने कहा कि आपदा राहत कोष से मदद तुरंत जारी की जा रही है। आगे की कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग से रिपोर्ट ली जाएगी।
The Red Ink Insight
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की हकीकत भी दिखाता है। तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच मजदूरों की सुरक्षा अक्सर सबसे कमजोर कड़ी बन जाती है और इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ती है।




