The Red Ink
उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज लखनऊ में शुरू होने जा रहा है। यह सत्र खास तौर पर नारी वंदन संशोधन अधिनियम के पारित न होने और विपक्ष की भूमिका पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। सियासी माहौल पहले से ही गर्म है और सदन में तीखी बहस के संकेत मिल रहे हैं।
11 बजे से शुरू होगा सत्र, सभी दलों की मौजूदगी
विशेष सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक विधानसभा पहुंच रहे हैं। खास तौर पर समाजवादी पार्टी के विधायकों की सक्रियता देखने को मिल रही है, जो सरकार के प्रस्ताव का विरोध करने की तैयारी में हैं।
निंदा प्रस्ताव पर सियासी घमासान तय
योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार इस सत्र में विपक्ष की नीतियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने जा रही है। माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव नारी वंदन विधेयक को लेकर केंद्र और राज्य की राजनीति को सीधे प्रभावित करेगा।
विपक्ष का कड़ा रुख, सदन में विरोध के संकेत
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करेगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा खुद महिला विरोधी है और सदन में हर मुद्दे पर सरकार को जवाब दिया जाएगा।
महिला आरक्षण मुद्दे पर गरमाई राजनीति
नारी वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर पहले से ही देशभर में बहस जारी है। ऐसे में यूपी विधानसभा का यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे।
क्या रहेगा सत्र का फोकस?
इस विशेष सत्र में मुख्य रूप से: नारी वंदन अधिनियम पर चर्चा, विपक्ष की भूमिका पर सवाल, सरकार की नीतियों का बचाव और निंदा प्रस्ताव पर मतदान किया जायेगा।




