The Red Ink
Narendra Modi आज 28 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र Varanasi के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में यह उनका 54वां दौरा है। इस दौरान प्रधानमंत्री 6300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, साथ ही हजारों महिलाओं से संवाद भी करेंगे।
आगमन से पहले सियासी और धार्मिक माहौल गरम
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले भाजपा नेताओं की हलचल तेज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin वाराणसी पहुंचे, जहां उनका स्वागत Yogi Adityanath ने किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने Kashi Vishwanath Temple में पूजा-अर्चना की। शहर में जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
6300 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा
प्रधानमंत्री अपने दौरे में कुल 6332 करोड़ रुपये की 163 परियोजनाओं की सौगात देंगे। 1054 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण, 5277 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, इनमें सिग्नेचर ब्रिज और कबीरचौरा अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सुविधा जैसी परियोजनाएं सबसे अहम मानी जा रही हैं, जिनसे पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
40 हजार महिलाओं से करेंगे संवाद
बीएलडब्ल्यू मैदान में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री करीब 40 हजार महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान ‘नारी शक्ति’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी और महिलाओं की राय भी ली जाएगी। कार्यक्रम को खास तौर पर महिला भागीदारी पर केंद्रित किया गया है।
एयरपोर्ट से बरेका तक हाई सिक्योरिटी
प्रधानमंत्री का आगमन बाबतपुर एयरपोर्ट पर होगा, जहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए बरेका पहुंचेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर SPG सहित 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मी चार स्तरों में तैनात किए गए हैं। पूरे कार्यक्रम स्थल को सुरक्षा घेरे में लिया गया है।
ट्रैफिक एडवाइजरी: शहर में नो-एंट्री और रूट डायवर्जन
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए वाराणसी में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक और अगले दिन सुबह तक डायवर्जन लागू, बसों और भारी वाहनों की शहर में एंट्री पर रोक, कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित यातायात पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
घाटों पर दिखा उत्साह, शंखनाद से स्वागत
प्रधानमंत्री के स्वागत में घाटों पर भी खास तैयारियां देखने को मिलीं। चौसठी घाट पर महिलाओं ने शंखनाद कर उत्साह जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव का रूप भी ले चुका है।
सिग्नेचर ब्रिज और अस्पताल परियोजना पर फोकस
प्रधानमंत्री नए सिग्नेचर ब्रिज की आधारशिला रखेंगे, जो पुराने राजघाट पुल का विकल्प बनेगा। इसके अलावा कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल को हाईटेक बनाते हुए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल विकसित किया जाएगा, जिससे पूर्वांचल और बिहार के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।




