The Red Ink
मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान की कूटनीति तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची रूस पहुंचे, जहां उन्होंने रूस के साथ मौजूदा हालात और आगे की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत की।
रूस के साथ समन्वय पर जोर
सेंट पीटर्सबर्ग में बातचीत के दौरान अराग़ची ने कहा कि ईरान और रूस के बीच लगातार संपर्क बना रहा है, हालांकि युद्ध के चलते कुछ समय तक आमने-सामने मुलाकातें नहीं हो सकीं। उन्होंने बताया कि मौजूदा स्थिति की समीक्षा और आगे के कदमों को लेकर दोनों देशों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है।
पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र
अपनी बातचीत में ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान का खास तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की अपनी हालिया यात्रा को “सफल” बताया और कहा कि वहां कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
आगे की बातचीत पर मंथन
अराग़ची के मुताबिक, अब तक की कूटनीतिक कोशिशों की समीक्षा की गई है और इस पर विचार किया जा रहा है कि भविष्य में बातचीत किन शर्तों और किस दिशा में आगे बढ़ाई जा सकती है।
पहले पाकिस्तान और ओमान का दौरा
रूस पहुंचने से पहले ईरानी विदेश मंत्री पाकिस्तान और ओमान का दौरा कर चुके हैं। इन दौरों के दौरान क्षेत्रीय हालात और संभावित कूटनीतिक समाधान पर गहन चर्चा हुई थी। मौजूदा हालात में ईरान की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।




