The Red Ink: काला-पीला झंडा लेकर सड़कों पर उतरे लोग; प्रशासन के आश्वासन के बाद भी द्वार न लगने से बढ़ा आक्रोश…
हाईवे पर उतरे प्रदर्शनकारी, यातायात ठप
लखनऊ-हरदोई स्टेट हाईवे पर रविवार को उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब मलिहाबाद क्षेत्र में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। ‘मल्हिया पासी स्मृति द्वार’ हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे लेकर नारेबाजी की और मार्ग को जाम कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में सुहेलदेव आर्मी और लाखन पासी से जुड़े कार्यकर्ता शामिल थे, जिनका कहना था कि बिना सूचना और सहमति के द्वार को हटाया गया है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, समझाकर हटाया जाम
सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और धीरे-धीरे जाम खुलवाया। हालांकि, लोगों में नाराजगी बनी हुई है और वे द्वार को दोबारा स्थापित करने की मांग पर अड़े हैं।
विधायक निधि से बना था स्मृति द्वार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह स्वागत द्वार क्षेत्रीय विधायक जयदेवी की निधि से बनवाया गया था। आरोप है कि 22 अप्रैल को एक ठेकेदार द्वारा इसे काटकर हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से ही पासी समाज में नाराजगी बढ़ती गई। पहले भी बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से दो दिन में समाधान का आश्वासन लिया था, लेकिन तय समय गुजरने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राजनीतिक समर्थन के साथ जारी धरना
द्वार को दोबारा लगाने की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और विधायक जयदेवी के नेतृत्व में 25 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना भी जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक द्वार फिर से स्थापित नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
पुलिस जांच में सामने आया है कि 22 अप्रैल की रात करीब 3:14 बजे कुछ अज्ञात लोग क्रेन और हाइड्रा मशीन की मदद से स्वागत द्वार को गिराते हुए दिखाई दिए। इसके बाद द्वार के हिस्सों को काटकर डीसीएम वाहन में लादकर ले जाया गया। यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।
मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




