The Red Ink: मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। अमेरिका की राजधानी में आज इसराइल और लेबनान के बीच दूसरे दौर की अहम बातचीत होने जा रही है, जिसमें अस्थायी युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
सीज़फायर बढ़ाने पर होगी सबसे बड़ी चर्चा
वॉशिंगटन डीसी में होने वाली इस बैठक में 10 दिन के मौजूदा युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह वही सीज़फायर है, जो 14 अप्रैल को पहले दौर की बातचीत के बाद लागू हुआ था और फिलहाल क्षेत्र में सीमित शांति बनाए हुए है।
लेबनान ने रखी साफ शर्तें
जोसेफ़ औन ने बातचीत के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए कहा है कि चर्चा का केंद्र इसराइली हमलों को पूरी तरह रोकना होगा।
इसके अलावा लेबनान की प्रमुख मांगों में- लेबनानी क्षेत्रों से इसराइली सेना की वापसी, कैदियों की रिहाई, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सैन्य तैनाती, युद्ध से तबाह इलाकों का पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं।
पहली बैठक के बाद मिला था अस्थायी विराम
इससे पहले 14 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच पहली बातचीत हुई थी, जिसके बाद 10 दिन का अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ। हालांकि, यह राहत सीमित समय के लिए ही थी और अब इसे आगे बढ़ाने को लेकर ही यह दूसरा दौर निर्णायक माना जा रहा है।
ईरान-अमेरिका बातचीत पर बना संशय
इसी बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित ईरान-अमेरिका वार्ता का दूसरा दौर नहीं हो सका है। ईरान ने अब तक अमेरिका के साथ किसी समझौते पर सहमति नहीं जताई है।
ईरान की शर्त ने बढ़ाई पेचीदगी
पहले दौर की बातचीत में ईरान ने साफ कहा था कि किसी भी युद्धविराम समझौते में लेबनान में चल रही लड़ाई को रोकना भी शामिल होना चाहिए। यही शर्त अब पूरे क्षेत्रीय समीकरण को और जटिल बना रही है।




