The Red Ink
अमेरिका और ईरान के बीच बनी नाजुक शांति एक बार फिर खतरे में दिख रही है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की समयसीमा बढ़ाने के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद होर्मुज़ स्ट्रेट में हालात बिगड़ने लगे।
जहाज़ों को रोका, दो पर कब्जा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गनबोट्स ने इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से गुजर रहे जहाज़ों को रोकने की कोशिश की। बुधवार को तीन कार्गो जहाज़ों को निशाना बनाया गया, जिनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया गया। हालांकि किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह घटनाक्रम तनाव को और गहरा करने वाला माना जा रहा है।
ट्रंप का सख्त बयान-‘आत्मघाती कदम’
अमेरिकी पक्ष की ओर से कड़ा संदेश देते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश करता है, तो यह उसके लिए आर्थिक रूप से “आत्मघाती कदम” साबित होगा। इसके बावजूद संकेत मिल रहे हैं कि तेहरान इस कदम के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।
वैश्विक बाजार और सुरक्षा पर असर
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। ऐसे में यहां बढ़ती हलचल सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुकी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यही स्थिति बनी रही तो सीज़फ़ायर टूट सकता है और हालात फिर से खुले टकराव की ओर बढ़ सकते हैं।




