The Red Ink
जनगणना-2027 की तैयारियों ने लखनऊ में रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में 7 मई से शुरू होकर 21 मई तक चलने वाले स्वगणना अभियान का पूरा खाका तैयार किया गया। साफ निर्देश दिए गए अभियान तय समय में, बिना गड़बड़ी और ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी के साथ पूरा होना चाहिए।
हर नागरिक की भागीदारी पर फोकस
बैठक में प्रशासन ने साफ किया कि इस बार जोर “जनभागीदारी” पर रहेगा। सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से जोड़ने का निर्देश मिला है। हर विभाग में नोडल अधिकारी तय किए जाएंगे, जो तय समयसीमा में काम पूरा कराएंगे।
110 वार्ड में ग्राउंड लेवल तैयारी
नगर निगम को शहर के सभी 110 वार्डों में पार्षदों की ट्रेनिंग कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें स्वगणना पोर्टल और ऐप का इस्तेमाल, डेटा सिक्योरिटी और लोगों को समझाने के तरीके सिखाए जाएंगे, ताकि जमीनी स्तर पर कोई कन्फ्यूजन न रहे।
स्कूल-कॉलेज बनेंगे जागरूकता के सेंटर
युवाओं को जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वर्कशॉप, सेमिनार और इंटरैक्टिव सेशन के जरिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को स्वगणना की अहमियत समझाई जाएगी।
घर-घर पहुंचने की तैयारी
सरकारी कॉलोनियों, सोसाइटी और रिहायशी इलाकों में टीमें बनाकर डोर-टू-डोर संपर्क किया जाएगा। लोगों को तकनीकी मदद भी मौके पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।
हर जगह दिखेगा ‘स्वगणना संदेश’
जागरूकता के लिए एलईडी स्क्रीन, बड़े चौराहों, बाजारों और ITMS के पीए सिस्टम का इस्तेमाल होगा। मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने से पहले भी स्वगणना से जुड़े वीडियो दिखाए जाएंगे।
हर वर्ग को जोड़ने की रणनीति
प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, डॉक्टरों, वकीलों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों को भी अभियान का हिस्सा बनाने की योजना बनाई है, ताकि संदेश तेजी से आम लोगों तक पहुंचे।
मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर जोर
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पोस्टर, बैनर और आरडब्ल्यूए के सहयोग से अलग-अलग इलाकों में जागरूकता अभियान चलेंगे।
रोजाना मॉनिटरिंग के सख्त निर्देश
अभियान की निगरानी के लिए ग्रामीण इलाकों में एसडीएम और शहर में एडीएम व नगर निगम अधिकारी रोजाना निरीक्षण करेंगे। ट्रेनिंग और व्यवस्थाओं की क्वालिटी पर खास नजर रखी जाएगी।
अंतिम संदेश कोई न छूटे
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। इसे पारदर्शिता और बेहतर समन्वय के साथ पूरा करना होगा, ताकि हर नागरिक की गिनती सुनिश्चित हो सके।




