The Red Ink
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने आरक्षण, सामाजिक एकता और इतिहास को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण का असली लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की जरूरत है।
गुमनाम शहीदों को याद, इतिहास पर उठाए सवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृज भूषण शरण सिंह ने आजादी की लड़ाई में सभी समाजों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कई गुमनाम लोग शहीद हुए, लेकिन इतिहास में उनका नाम नहीं आ सका। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के कई पहलुओं को सीमित तरीके से प्रस्तुत किया गया।
आरक्षण पर साफ रुख: विरोध नहीं, लेकिन सवाल जरूरी
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे इसके खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह जरूरी है कि इसका फायदा समाज के सबसे निचले तबके तक पहुंचे। उन्होंने गांव के आम लोगों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर कब तक वास्तविक जरूरतमंदों को इसका पूरा लाभ मिलेगा।
सर्व समाज को साथ लेकर चलने की अपील
उन्होंने क्षत्रिय समाज को संबोधित करते हुए कहा कि अगर प्रभाव और सम्मान बनाए रखना है, तो सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में एकता और सामंजस्य ही सबसे बड़ी ताकत है।
ब्राह्मण समाज को आगे लाने की बात
बृज भूषण ने अपने संबोधन में ब्राह्मण समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यक्रमों में उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान दिया जाना चाहिए, ताकि संतुलन और सम्मान बना रहे।
‘सबका साथ, सबका विकास’ को भगवान राम से जोड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विचार को उन्होंने भगवान राम के आदर्शों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनाई थी, जिसमें हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होती थी।
महाराणा प्रताप के जरिए सामाजिक संदेश
कार्यक्रम में महाराणा प्रताप का जिक्र करते हुए उन्होंने उन्हें राम के वंशज बताया और क्षत्रिय समाज से अपील की कि वे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलें।




