IAS Divya Mittal Resignation: 13 साल बाद IAS सेवा से विदाई, केंद्र ने मंजूर किया इस्तीफा; अब आगे क्या?

IAS Divya Mittal Resignation के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उनका त्यागपत्र मंजूर करते हुए इसकी अधिसूचना जारी की है। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। इसके साथ ही करीब 13 साल का उनका प्रशासनिक सफर औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।

दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के जरिए IAS से इस्तीफा देने की जानकारी दी थी। उन्होंने अपने फैसले के पीछे निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला दिया था। अब केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद वह प्रशासनिक सेवा से पूरी तरह बाहर हो गई हैं।

IAS Divya Mittal Resignation: 30 अगस्त को दिया था इस्तीफा

दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा से अलग होने का फैसला किया था। उनके इस्तीफे की जानकारी सामने आने के बाद से ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। उस समय वह उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फैसले को लेकर एक भावनात्मक संदेश भी साझा किया था। उनकी पोस्ट में 13 साल की प्रशासनिक यात्रा, देश के लिए काम करने के सपने और आगे बढ़ने की इच्छा का जिक्र था। बाद में उनके इस्तीफे की प्रक्रिया के तहत विभिन्न विभागों और पूर्व तैनाती वाले स्थानों से औपचारिकताएं पूरी की गईं।

देवरिया DM पद से हटने के बाद राजस्व विभाग में हुई थी तैनाती

दिव्या मित्तल जुलाई 2024 में देवरिया की जिलाधिकारी बनी थीं और मई 2026 तक इस पद पर रहीं। 6 मई 2026 को उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर शासन में राजस्व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया था। इसके बाद वह इसी पद पर रहते हुए IAS से इस्तीफा देने के फैसले तक पहुंचीं।

कुछ रिपोर्टों में उनकी इस तैनाती के बाद असहज होने की बात कही गई है, लेकिन उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह के तौर पर उन्होंने व्यक्तिगत कारण, पारिवारिक प्राथमिकताएं और जीवन के नए लक्ष्य ही बताए थे। इसलिए दोनों बातों को अलग-अलग रखना जरूरी है।

मिर्जापुर में काम से बनी थी अलग पहचान

दिव्या मित्तल की पहचान सिर्फ प्रशासनिक पदों तक सीमित नहीं रही। मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने एक दुर्गम गांव में पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचाने की पहल की थी। वहां लंबे समय से लोग टैंकर के पानी पर निर्भर थे। इस काम के कारण उनकी काफी चर्चा हुई थी।

मिर्जापुर के अलावा उन्होंने संत कबीर नगर और देवरिया जैसे जिलों में भी जिलाधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले उनकी पहली तैनाती मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी। वह गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी और यूपीसीडा में संयुक्त प्रबंध निदेशक जैसे पदों पर भी काम कर चुकी हैं।

IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई, लंदन में भी किया काम

दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से MBA किया। पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन बाद में भारत लौटकर सिविल सेवा में आने का फैसला किया। UPSC के जरिए 2013 में उनका प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ।

करीब 13 वर्षों के प्रशासनिक करियर के बाद अब उन्होंने IAS से अलग होने का फैसला किया है। उनके इस्तीफे के साथ ही उनके प्रशासनिक सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।

क्या राजनीति में आएंगी दिव्या मित्तल?

दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में यह चर्चा सामने आई है कि वह भविष्य में मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

इसलिए फिलहाल इसे केवल राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। इस्तीफे की आधिकारिक वजह और उनके सोशल मीडिया संदेश में किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने या चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की गई है।

IAS Divya Mittal Resignation अब आधिकारिक रूप से प्रभावी हो चुका है। 15 सितंबर से दिव्या मित्तल प्रशासनिक सेवा का हिस्सा नहीं रहेंगी। अब उनके अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।

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