Guwahati Wife Murder Case: पत्नी का सिर फ्रिज में रखने वाले आरोपी की पुलिस से भागने की कोशिश में मौत, 3 सितंबर से अब तक की पूरी कहानी

Guwahati Wife Murder Case में आरोपी रामानुज गोस्वामी की मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक, सोमवार तड़के मेडिकल जांच के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) ले जाते समय उसने चलती पुलिस गाड़ी से छलांग लगा दी। घटना नरकासुर पहाड़ी के पास हुई, जहां गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उसे सुबह करीब 3:41 बजे सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के तौर पर लाया गया था। उसके शरीर पर गोली लगने के निशान नहीं मिले हैं। मौत की सटीक वजह मेडिकल जांच के बाद स्पष्ट होगी।

रामानुज गोस्वामी पर अपनी 25 वर्षीय पत्नी रिया तालुकदार की हत्या और शव को क्षत-विक्षत करने का आरोप था। पुलिस के अनुसार, रिया का सिर एक पॉलिथीन बैग में लपेटकर फ्रिज के अंदर रखा गया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल होने वाले कथित धारदार हथियार ‘दाओ’ को भी बरामद किया था। आरोपी ने आत्मसमर्पण के बाद पुलिस पूछताछ में हत्या की बात कबूल करने का दावा किया था, हालांकि जांच एजेंसियां उसके बयान और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर रही थीं।

Guwahati Wife Murder Case: 3 सितंबर को हुआ था खौफनाक हत्याकांड

पुलिस के मुताबिक, घटना 3 सितंबर 2026 की सुबह गुवाहाटी के बेलटोला-बासिष्ठापुर इलाके में स्थित दंपती के किराए के मकान में हुई थी। रिया और रामानुज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने बताया कि पड़ोसियों ने घर से झगड़े और चीख-पुकार जैसी आवाजें सुनी थीं।

जांच के अनुसार, विवाद के बाद रामानुज ने कथित तौर पर रिया की हत्या कर दी। इसके बाद शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पुलिस को बाद में रिया का सिर फ्रिज के अंदर एक पॉलिथीन बैग में मिला।

पुलिस ने यह भी बताया कि रिया की कुछ उंगलियां भी कटी हुई मिली थीं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कथित हत्या में इस्तेमाल ‘दाओ’ यानी धारदार हथियार बरामद किया।

घर से दुर्गंध आने के बाद खुला मामला

हत्या के बाद आरोपी के घर छोड़कर चले जाने से कई घंटों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक, रिया के परिवार के लोग करीब दो दिनों से दोनों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।

बाद में घर से दुर्गंध आने की शिकायत स्थानीय लोगों की ओर से पुलिस तक पहुंची। इसके बाद हाटीगांव पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली।

पुलिस को घर के अंदर रिया का शव मिला, जबकि उसका सिर गायब था। तलाशी के दौरान सिर फ्रिज के अंदर पॉलिथीन बैग में रखा मिला। इसी के बाद मामले की गंभीरता सामने आई।

6 सितंबर को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद रामानुज गोस्वामी मौके से चला गया था। बाद में उसने 6 सितंबर को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके बयान के आधार पर हत्या के पीछे की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की।

रामानुज ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हालांकि पुलिस ने उस समय भी कहा था कि आरोपी के दावों और घटनाक्रम की पूरी तरह पुष्टि की जा रही है।

आरोपी ने कहा था- हत्या का कोई पछतावा नहीं

मामले में 8 सितंबर को आरोपी का एक और चौंकाने वाला बयान सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार, मेडिकल जांच के लिए ले जाए जाने के दौरान उसने कथित तौर पर कहा था कि उसे पत्नी की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है।

उसने अपनी पत्नी के कथित ‘शुगर डैडी’ को लेकर भी धमकी दी थी। यह दावा आरोपी के बयान पर आधारित था और पुलिस उस व्यक्ति तथा आरोपी के दावों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही थी।

इस बयान के बाद मामले ने और तूल पकड़ा था। हालांकि, पत्रकारिता की दृष्टि से यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पत्नी के कथित विवाहेतर संबंध और ‘शुगर डैडी’ से जुड़ी बातें आरोपी के आरोप/दावे थे, जिन्हें पुलिस जांच के जरिए सत्यापित किया जाना था।

फ्रिज और हथियार समेत अहम सबूत जब्त

जांच के दौरान पुलिस ने सिर्फ आरोपी के बयान पर निर्भर रहने के बजाय घटनास्थल से सबूत भी जुटाए। पुलिस ने कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद किया था।

इसके बाद 9 सितंबर को पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घटनास्थल की प्रक्रिया दोहराई और उस फ्रिज को भी जब्त किया, जिसमें रिया का सिर रखे जाने का आरोप है। पुलिस ने घटनास्थल से रिया के कपड़े और अन्य सामग्री भी जब्त की थी। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही थी कि हत्या किस क्रम में हुई और आरोपी ने घटना के बाद सबूतों को किस तरह छिपाने की कोशिश की।

शादी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था

रिया तालुकदार की उम्र 25 वर्ष बताई गई है, जबकि रामानुज गोस्वामी करीब 30 वर्ष का था। दोनों की शादी को एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी शादी पिछले साल 22 सितंबर को हुई थी।

रिया गुवाहाटी की रहने वाली थी और हाल में एक बुटीक में काम करती थी। रामानुज मूल रूप से असम के धुबरी जिले के गौरीपुर का रहने वाला था और गुवाहाटी में कैब चलाता था। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवार से जुड़े एक जमीन पर बने फ्लैट में रह रहे थे।

घरेलू हिंसा के पुराने आरोपों की भी जांच

मामले की जांच के दौरान रिया के परिवार की ओर से रामानुज के व्यवहार को लेकर भी जानकारी सामने आई थी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार ने दावा किया था कि दोनों शादी से पहले कई वर्षों से रिश्ते में थे और रामानुज के खिलाफ घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों का इतिहास भी बताया गया था। परिवार के मुताबिक, वह इस साल करीब तीन महीने एक पुनर्वास केंद्र में भी रहा था। इन दावों की जांच पुलिस कर रही थी।

इन परिस्थितियों को लेकर पुलिस आरोपी के व्यवहार और उसकी पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही थी।

अब पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत से जांच को नया मोड़

Guwahati Wife Murder Case में सबसे बड़ा नया घटनाक्रम अब आरोपी की मौत है। पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर की सुबह मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय रामानुज ने चलती पुलिस गाड़ी से छलांग लगा दी। वह नरकासुर पहाड़ी के ढलान पर जा गिरा और सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आरोपी को गंभीर हालत में लाया गया था। उसके शरीर पर गोली के निशान नहीं मिले। मौत की अंतिम वजह और परिस्थितियों को मेडिकल जांच से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

आरोपी की मौत के बाद अब इस हत्याकांड की जांच के साथ उसकी पुलिस हिरासत में हुई मौत की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होंगी। पुलिस वाहन से उसके कूदने की पूरी घटना, सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल रिपोर्ट समेत सभी पहलुओं की जांच आगे की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी।

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