Gautam Gambhir on Nitish Reddy के प्रदर्शन को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संतोष जताया है। तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी के खेल में लगातार हो रहे सुधार से गंभीर खुश हैं। उन्होंने हार्दिक पांड्या को लेकर भी संकेत दिया कि अगर वह वनडे फॉर्मेट में 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में आते हैं, तो पांड्या और नीतीश रेड्डी को एक साथ टीम में खिलाने की अच्छी संभावना बन सकती है।
हार्दिक पांड्या फिलहाल चोट से वापसी की प्रक्रिया में हैं। मई में क्वाड्रिसेप्स की चोट के बाद से उन्होंने कोई मैच नहीं खेला है। आगामी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली है। इसकी बड़ी वजह उनका अभी वनडे में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं होना है।
Gautam Gambhir on Nitish Reddy: प्रदर्शन में सुधार से कोच खुश
गौतम गंभीर ने नीतीश रेड्डी के प्रदर्शन में हो रहे सुधार पर संतुष्टि जाहिर की है। टीम के लिए नीतीश जैसे खिलाड़ी इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वह गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की संख्या सीमित है जो बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी में भी टीम को उपयोगी विकल्प दे सकें। आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए ऐसे ऑलराउंडर्स की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।
नीतीश रेड्डी के प्रदर्शन में सुधार भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि टीम को एक ऐसे विकल्प की जरूरत है जो तेज गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सके।
हार्दिक पांड्या के 10 ओवर गेंदबाजी करने पर बनेगा समीकरण
हार्दिक पांड्या लंबे समय से भारतीय वनडे टीम में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन चोट के बाद उनकी गेंदबाजी क्षमता को लेकर फिटनेस एक अहम पहलू बनी हुई है।
गौतम गंभीर के मुताबिक, जब पांड्या वनडे में 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में आ जाएंगे, तब उनके और नीतीश रेड्डी के एक साथ खेलने की संभावना अच्छी होगी। यानी टीम मैनेजमेंट के सामने दोनों खिलाड़ियों को एक साथ इस्तेमाल करने का विकल्प खुल सकता है।
फिलहाल पांड्या का आगामी वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के लिए चयन नहीं हुआ है। उनकी वापसी के लिए बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वनडे में वह टीम को एक अतिरिक्त तेज गेंदबाजी विकल्प देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वर्ल्ड कप से पहले ऑलराउंडर्स पर नजर
अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप को देखते हुए भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर्स का महत्व बढ़ गया है। वनडे क्रिकेट में टीम संयोजन बनाते समय ऐसे खिलाड़ी अतिरिक्त संतुलन देते हैं।
अगर किसी खिलाड़ी से कुछ ओवर गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी दोनों मिलती है, तो टीम के पास विशेषज्ञ खिलाड़ियों के साथ संयोजन तैयार करने के लिए ज्यादा विकल्प होते हैं। यही वजह है कि नीतीश रेड्डी जैसे खिलाड़ियों के विकास पर टीम मैनेजमेंट की नजर है।
भारत के पास इस समय ऐसे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर्स के विकल्प बहुत ज्यादा नहीं हैं। ऐसे में नीतीश के प्रदर्शन में सुधार और हार्दिक पांड्या की फिटनेस आने वाले समय में टीम के संयोजन को प्रभावित कर सकती है।
वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में पांड्या नहीं
आगामी वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के लिए हार्दिक पांड्या भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। चोट के बाद उनकी वापसी अभी पूरी तरह नहीं हुई है और वनडे में 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता हासिल करना उनके लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
वहीं, नीतीश रेड्डी के प्रदर्शन में सुधार से टीम को एक वैकल्पिक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर मिल सकता है।
Gautam Gambhir on Nitish Reddy के बयान से यह संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट इस तरह के खिलाड़ियों को भविष्य की टीम संरचना के लिहाज से देख रहा है।
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह ऑलराउंडर विकल्प?
वनडे क्रिकेट में 50 ओवर का मैच होने के कारण टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। तेज गेंदबाजी करने वाला ऑलराउंडर इस संतुलन को बेहतर करने में मदद कर सकता है।
हार्दिक पांड्या अगर पूरी तरह फिट होकर 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में लौटते हैं और नीतीश रेड्डी भी अपने प्रदर्शन में सुधार जारी रखते हैं, तो टीम के पास दोनों को एक साथ मैदान पर उतारने का विकल्प हो सकता है। हालांकि, अंतिम टीम संयोजन परिस्थितियों, खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले साल के वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम के पास ऐसे खिलाड़ियों को परखने का समय है। नीतीश रेड्डी के प्रदर्शन में सुधार और हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी क्षमता आने वाले समय में इसी तैयारी का अहम हिस्सा हो सकती है।




