दिल्ली के BJP नेता ने कानपुर में दी जान: ससुराल के बाहर जहर खाया, ऑडियो में बोला—‘UP पुलिस न्याय करे’

The Red Ink
कानपुर के बर्रा इलाके में दिल्ली के एक भाजपा नेता ने ससुराल के बाहर जहर खाकर जान दे दी। घटना से पहले उन्होंने व्हाट्सएप पर एक ऑडियो संदेश रिकॉर्ड कर पुलिस और परिजनों को भेजा, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की मांग की।
घटना कैसे हुई
मृतक की पहचान 38 वर्षीय विनोद कुमार मिश्रा के रूप में हुई है, जो दिल्ली के नरेला क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष थे और एक निजी बैंक में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात वह कानपुर के बर्रा स्थित ससुराल पहुंचे थे। पत्नी से मिलने और साथ ले जाने को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद उन्होंने बाहर निकलकर जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
आखिरी ऑडियो में क्या कहा
पुलिस को मिले करीब 9 मिनट के ऑडियो मैसेज में विनोद ने कहा कि वह जीना नहीं चाहते, लेकिन उन्हें ऐसी परिस्थितियों में धकेला गया कि आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और साजिश के आरोप लगाए और कहा कि उनकी मौत के बाद न्याय किया जाए। हालांकि पुलिस इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही करेगी।
परिवार और निजी जीवन
विनोद मूल रूप से कन्नौज के रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से दिल्ली में परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी शादी करीब 16 साल पहले हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। बताया गया है कि पिछले कुछ समय से पत्नी के मायके में रहने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। करीब तीन महीने पहले वह पत्नी को समझाकर दिल्ली ले गए थे, लेकिन अप्रैल में वह फिर मायके आ गईं और वापस नहीं लौटीं।
मौत से पहले अयोध्या गए थे
परिजनों के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले विनोद अपने दोस्त के साथ अयोध्या दर्शन के लिए गए थे। वहां से लौटने के बाद वह प्रसाद देने के बहाने ससुराल पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद यह घटना हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया केस
मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बर्रा थाना पुलिस के अनुसार, ऑडियो मैसेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।

NOTE- यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो मदद लेना जरूरी है। अपने करीबियों या पेशेवर सहायता से संपर्क करना जीवन बचा सकता है।

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