Amitabh Bachchan Ayodhya Dharamshala को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में प्रस्तावित धर्मशाला के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) में भवन-योजना की मंजूरी के लिए आवेदन किया है। प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरे होने की संभावना है और इसका नाम उनके पिता तथा प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में रखा जाएगा। यह धर्मशाला अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने इस प्रस्ताव की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन की ओर से धर्मशाला के नक्शे के लिए आवेदन मिला है। प्रस्ताव को फिलहाल सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए प्रकाशित किया गया है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन-योजना की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की मंजूरी दी जाएगी।
Amitabh Bachchan Ayodhya Dharamshala में होंगे 20 से ज्यादा कमरे
प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरे बनाए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक, देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग अयोध्या आते हैं। ऐसे में प्रस्तावित धर्मशाला श्रद्धालुओं के लिए आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है।
हालांकि, अभी यह परियोजना प्रस्ताव और मंजूरी की प्रक्रिया में है। इसलिए धर्मशाला के अंतिम डिजाइन, सुविधाओं और निर्माण की पूरी जानकारी मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।
15 करोड़ रुपये की जमीन पर तैयार होगा प्रोजेक्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में करीब 15 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी। इसी जमीन पर प्रस्तावित धर्मशाला बनाने की योजना है। यह जमीन दशरथ पथ के किनारे स्थित ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट में बताई गई है।
अमिताभ बच्चन की अयोध्या में संपत्ति खरीदने की खबर पहले भी सामने आ चुकी है। अब इसी प्रॉपर्टी पर धर्मशाला बनाने की योजना ने एक बार फिर ध्यान खींचा है। प्रस्तावित निर्माण का मकसद केवल एक निजी संपत्ति विकसित करना नहीं, बल्कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना बताया गया है।
पिता हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में होगा नाम
Amitabh Bachchan Ayodhya Dharamshala की सबसे खास बात यह है कि इसका नाम अमिताभ बच्चन के पिता डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में रखा जाएगा।
हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि थे और उनकी पहचान खास तौर पर ‘मधुशाला’ जैसी रचनाओं के लिए रही। अमिताभ बच्चन की ओर से प्रस्तावित धर्मशाला को उनके नाम से जोड़ने का फैसला इस परियोजना को पारिवारिक स्मृति से भी जोड़ता है।
इस प्रस्ताव के मुताबिक, अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को यहां ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। यानी परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान धार्मिक यात्रा पर आने वाले लोगों के लिए एक आवासीय सुविधा के तौर पर काम कर सकता है।
अभी शुरू नहीं हुआ निर्माण, ADA की मंजूरी बाकी
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि धर्मशाला का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। अमिताभ बच्चन की ओर से भवन-योजना के लिए आवेदन किया गया है और ADA ने प्रस्ताव पर लोगों से आपत्तियां मांगी हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक, आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय पूरा होने के बाद प्रस्ताव की जांच की जाएगी। इसके बाद नियमों के अनुसार मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कुछ रिपोर्टों में मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर से निर्माण शुरू होने की संभावना बताई गई है, लेकिन अंतिम निर्माण कार्यक्रम संबंधित स्वीकृतियों और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।
अमिताभ बच्चन की इस प्रस्तावित परियोजना से अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए निजी क्षेत्र की एक और आवासीय सुविधा जुड़ने की संभावना है। फिलहाल सबकी नजर ADA की मंजूरी प्रक्रिया पर है, जिसके बाद Amitabh Bachchan Ayodhya Dharamshala के निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा।




