The Red Ink
उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासत तेज हो गई है। छह नए चेहरों की एंट्री और कुछ मंत्रियों के प्रमोशन के बीच विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने कैबिनेट विस्तार को लेकर तीखा तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह विस्तार महज औपचारिकता है और असल फैसले कहीं और से तय होते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यहां सिर्फ “पर्ची पढ़ी जाती है” और मुख्यमंत्री की भूमिका “कुरियर मैसेंजर” जैसी हो गई है।
क्या हुआ कैबिनेट विस्तार में
रविवार को हुए इस विस्तार में राज्यपाल Anandiben Patel ने कुल 8 नेताओं को शपथ दिलाई। इनमें 6 नए चेहरे शामिल हैं, जबकि दो मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन देकर जिम्मेदारी बढ़ाई गई। सरकार ने कैबिनेट, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री के स्तर पर बदलाव किए हैं।
सियासी बयानबाजी तेज
कैबिनेट विस्तार के साथ ही सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। जहां भाजपा इसे प्रशासनिक मजबूती और चुनावी तैयारी से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे केंद्र के इशारों पर लिया गया फैसला बता रहा है।




