UP NCR Pollution Control Meeting को लेकर उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के स्तर पर आज अहम बैठक हो रही है। दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में बैठक की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में NCR के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जा रही है। 17 सितंबर को प्रकाशित Jagran की रिपोर्ट में इस बैठक को 18 सितंबर के लिए निर्धारित बताया गया था।
बैठक का मुख्य फोकस प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण और उत्तर प्रदेश के NCR क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा पर है। इसमें वाहनों से होने वाले प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल समेत अन्य स्थानीय स्रोतों पर चर्चा प्रस्तावित है।
UP NCR Pollution Control Meeting में इन मुद्दों पर फोकस
UP NCR Pollution Control Meeting में NCR के यूपी वाले जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक किए गए उपायों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। खास तौर पर वाहनों से निकलने वाले धुएं, औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन और निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों से पैदा होने वाली धूल को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर ध्यान है।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रदूषण के स्रोतों पर पहले से नियंत्रण को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण है। Jagran की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में संबंधित अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
वाहनों और औद्योगिक प्रदूषण पर होगी समीक्षा
NCR में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से होने वाला उत्सर्जन भी शामिल है। ऐसे में बैठक में इन दोनों क्षेत्रों में नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की स्थिति पर चर्चा हो रही है।
इसके साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के दूसरे स्रोतों पर कार्रवाई की स्थिति भी समीक्षा का हिस्सा है। बैठक का उद्देश्य केवल मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना ही नहीं, बल्कि आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा करना है।
निर्माण कार्य और रोड डस्ट भी निगरानी में
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण गतिविधियों और रोड डस्ट पर नियंत्रण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 17 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार NCR के शहरों में 15 सितंबर से विशेष सफाई अभियान शुरू किए जाने तथा रोड डस्ट, पराली, पुराने वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण की भी समीक्षा की जानी है।
निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकलने वाली धूल स्थानीय वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में संबंधित विभागों की निगरानी और नियमों के पालन की स्थिति बैठक में चर्चा का एक अहम हिस्सा है।
CAQM अध्यक्ष भी बैठक में शामिल
बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष की भी मौजूदगी बताई गई है। इससे बैठक में केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े संस्थानों के बीच समन्वय का पक्ष भी शामिल होगा।
बैठक में NCR के यूपी वाले हिस्से में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी अधिकारियों की ओर से रखी जा सकती है। इसके आधार पर आगे के कदमों और निगरानी व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश तय किए जाने की संभावना है।
सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए सितंबर से ही तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के NCR क्षेत्रों में प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
UP NCR Pollution Control Meeting में वाहनों, उद्योगों, निर्माण कार्यों और अन्य स्थानीय स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों की समीक्षा इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है। बैठक के दौरान संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है।




