Chandrashekhar Azad Murder Conspiracy को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या करने की साजिश रची गई थी। चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यह दावा उन्होंने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किया है। हालांकि, उनकी हत्या की कथित साजिश के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब गोंडा के कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। गोंडा में पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय बाराबंकी में पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद को रोका था। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और बहस की खबरें सामने आई थीं।
Chandrashekhar Azad Murder Conspiracy पर क्या बोले सांसद?
चंद्रशेखर आजाद ने अपने वीडियो में कहा कि वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और उनके पास मौजूद सूचनाएं तथा स्रोत गलत नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया था।
आजाद ने सरकार से इस कथित साजिश की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए यह सामने आना चाहिए कि कथित हत्या की योजना में कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे क्या वजह थी।
हालांकि, अभी तक किसी सरकारी जांच या स्वतंत्र जांच एजेंसी की ओर से ऐसा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है जिससे उनके दावे की पुष्टि हो। इसलिए Chandrashekhar Azad Murder Conspiracy को फिलहाल उनके आरोप या दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।
बाराबंकी की घटना को भी आजाद ने जोड़ा
अपने बयान में चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी में हुई घटना का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि जब वह गोंडा जा रहे थे, तब उनके काफिले को रोका गया और इसके बाद विवाद की स्थिति बनी।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें बाराबंकी में आगे जाने से रोक दिया था। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
बाराबंकी में उनके काफिले पर पथराव की खबरें भी सामने आई थीं। आजाद ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी को ज्वलनशील पदार्थ से आग लगाने की कोशिश की गई। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’
चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में अपने समर्थकों से भी कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मौत एक दिन आनी ही है और मौत के डर से जीवन नहीं जिया जा सकता।
उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को संबोधित करते हुए भी कहा कि अगर उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए और उन्हें समर्थकों का साथ, ताकत और हिम्मत मिलती रही तो उनके विरोधियों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
यह बयान सामने आने के बाद चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा और उनके लगाए आरोपों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनके बयान में किसी कथित साजिशकर्ता का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा गया है।
गोंडा कारोबारी की हत्या के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में गोंडा के कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या का मामला भी है। चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे, लेकिन बाराबंकी में पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, इस घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने विनोद साहनी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की थी।
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार विनोद साहनी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। इस मामले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने अपनी कथित हत्या की साजिश और बाराबंकी की घटना दोनों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के जरिए पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
फिलहाल Chandrashekhar Azad Murder Conspiracy मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हत्या की साजिश का आरोप स्वयं चंद्रशेखर आजाद ने लगाया है।
किसी जांच एजेंसी की ओर से इस कथित साजिश की पुष्टि की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में आगे होने वाली जांच ही यह स्पष्ट कर सकेगी कि उनके दावे के पीछे क्या तथ्य हैं।




