अभिषेक बनर्जी हमले पर ममता का केंद्र पर हमला, बोलीं- “कुछ सांसद-विधायकों को डराकर टीएमसी को कमजोर नहीं किया जा सकता”

The Red Ink
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर केंद्र सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को फेसबुक लाइव के जरिए जनता को संबोधित करते हुए ममता ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे उनकी पार्टी कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत होगी। ममता ने कहा कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और राजनीतिक दबाव का माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को गंभीर बताते हुए कहा कि एक सांसद के साथ सार्वजनिक रूप से हिंसा होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।

“हमले के बाद इलाज में भी बाधाएं खड़ी की गईं”
टीएमसी प्रमुख ने दावा किया कि घटना के बाद जब अभिषेक बनर्जी को चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी, तब अस्पताल पर भी दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज की प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास किए गए, जो लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। ममता ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि को चिकित्सा सुविधा से वंचित करने की कोशिश बेहद गंभीर मामला है।

“टीएमसी को तोड़ने की कोशिश नाकाम होगी”
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने या राजनीतिक प्रलोभन देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे तृणमूल कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और नेता जनता के बीच लगातार सक्रिय हैं और संगठन पहले से अधिक मजबूती के साथ खड़ा है।

कानून व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
ममता ने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई जगहों पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को कुचलने की बजाय लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत किया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके काफिले और समर्थकों पर कथित रूप से पथराव किया गया। घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और टीएमसी ने इसे विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित हमला बताया। इस घटना के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और टीएमसी नेतृत्व लगातार इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बता रहा है।

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