प्रतीक यादव: 13 दिन में दो हार्ट अटैक, अचानक खत्म हुई जिंदगी—जानिए निजी जीवन के अनसुने किस्से

The Red Ink
Prateek Yadav की अचानक मौत ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों को झकझोर दिया है। महज 13 दिनों के भीतर दो बार दिल का दौरा पड़ना और फिर जिंदगी का यूं थम जाना—यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक ऐसे जीवन की है जो सुर्खियों से दूर रहकर भी हमेशा चर्चा में रहा।

13 दिन में दो बार दिल का दौरा, दूसरी बार नहीं बची जान
30 अप्रैल को लखनऊ के Chaudhary Charan Singh International Airport पर अचानक प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द और चक्कर के बाद वह वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत Medanta Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की। उस समय दो वजहों से उनकी जान बच गई—अटैक मामूली था और समय पर इलाज मिल गया। लेकिन 13 मई को आए दूसरे हार्ट अटैक में उनकी जान नहीं बच सकी। जब उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। Akhilesh Yadav ने भावुक होकर कहा—वह अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहते थे, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।

डॉक्टरों की सलाह के बावजूद बीच में छोड़ा इलाज
पहले अटैक के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सख्त सलाह दी थी। डॉक्टर रुचिका शर्मा ने हाइपरटेंशन और नसों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या के बारे में भी बताया था। इसके बावजूद 3 मई को प्रतीक अस्पताल से खुद ही घर लौट आए।

5 मई को सर्जरी, फिर घर में रहे सीमित
ब्लड क्लॉटिंग की वजह से उन्हें डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) की समस्या थी। 5 मई को एक निजी अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई और 6 मई को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद वह ज्यादातर घर में ही रहे और सीमित लोगों से ही मिलते-जुलते थे। पत्नी Aparna Yadav उस दौरान असम में थीं, लेकिन लगातार फोन पर उनका हाल लेती रहीं।

सगे बेटे नहीं थे, फिर भी मुलायम ने बराबर का दर्जा दिया
प्रतीक यादव, Mulayam Singh Yadav की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पहले पति से बेटे थे। यादव परिवार में शुरुआती दौर में आशंका थी कि इससे Akhilesh Yadav के साथ भेदभाव हो सकता है। लेकिन मुलायम सिंह ने साफ कर दिया था कि अखिलेश ही राजनीतिक वारिस रहेंगे और परिवार में कोई भेदभाव नहीं होगा। इसके बावजूद प्रतीक को परिवार में बराबरी का सम्मान मिला।

राजनीति से दूरी, बार-बार ऑफर ठुकराए
अखिलेश यादव चाहते थे कि प्रतीक राजनीति में आएं, उन्हें बड़े नेताओं से भी मिलवाया गया। 2013-14 में आजमगढ़ से चुनाव लड़ाने की मांग भी उठी, पोस्टर लगे, नारेबाजी हुई। लेकिन हर बार प्रतीक ने साफ कहा—“मैं राजनीति में नहीं आऊंगा।”

2012 से शुरू किया बिजनेस, करोड़ों का निवेश
2012 में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने, उसी समय प्रतीक ने अपना बिजनेस शुरू किया। रियल एस्टेट में उन्होंने 16 कंपनियां बनाई और लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद में करोड़ों का निवेश किया। इस काम में उनके साले अमन (चंद्रशेखर) बिष्ट भी सहयोगी रहे।

5 करोड़ की Lamborghini और विवाद
2016 में प्रतीक ने 5.23 करोड़ रुपये की Lamborghini Huracan खरीदी। 73 लाख कैश दिए और बाकी लोन लिया। जब वह इस कार से पत्नी के नामांकन में पहुंचे, तो लोगों ने इसे सत्ता से जोड़ दिया। इस पर प्रतीक ने साफ कहा—“मैं कारोबारी हूं, नेता नहीं… बैलेंस शीट देख सकते हैं।”

संपत्ति और कर्ज भी रहा चर्चा में
2017 के चुनावी हलफनामे के अनुसार—
अपर्णा की संपत्ति: 3.27 करोड़
प्रतीक की संपत्ति: 13.41 करोड़
कुल कर्ज: 8.70 करोड़ (जिसमें गाड़ी का लोन भी शामिल)
उन्होंने Akhilesh Yadav से भी करीब 81 लाख रुपये उधार लिए थे।

सोशल मीडिया पर दूरी, रिश्ते सामान्य
हालांकि दोनों भाइयों के रिश्ते सामान्य थे, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रतीक ने कभी अखिलेश के साथ तस्वीरें साझा नहीं कीं। उनके अकाउंट पर ज्यादातर तस्वीरें Mulayam Singh Yadav के साथ ही दिखती हैं।

एनिमल लवर और ट्रैवल के शौकीन
प्रतीक ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ चलाते थे, जो आवारा जानवरों के लिए काम करता है। उन्हें विदेश यात्रा और सुपरकार ड्राइविंग का भी शौक था। पिछले साल वह परिवार के साथ स्वीडन और ऑस्ट्रिया गए थे।

तलाक का ऐलान, 9 दिन में सुलह
19 जनवरी 2026 को प्रतीक ने अचानक Aparna Yadav से तलाक का ऐलान किया। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई और उन्होंने सोशल मीडिया पर “All is Good” लिखकर तस्वीर साझा की।

बचपन से ही मुलायम के घर से जुड़ाव
प्रतीक का जन्म 1986 में हुआ। 4 साल की उम्र में माता-पिता के अलग होने के बाद वह मां के साथ रहने लगे। धीरे-धीरे वह Mulayam Singh Yadav के परिवार का हिस्सा बन गए और कई बार उनके घर पर ही रहते थे।

प्रतीक यादव की जिंदगी कई पहलुओं से भरी रही—सियासत के करीब होकर भी उससे दूरी, लग्जरी लाइफस्टाइल और निजी संघर्ष। उनकी अचानक मौत ने एक ऐसे चेहरे को हमेशा के लिए खामोश कर दिया, जो सार्वजनिक जीवन में कम दिखता था, लेकिन हमेशा चर्चा में रहता था।

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