The Red Ink
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav की अंतिम यात्रा लखनऊ में शुरू हो गई है। हजारों समर्थक इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए और “प्रतीक यादव अमर रहे” के नारों से माहौल गूंज उठा।
सपा कार्यालय के बाहर रुकी अंतिम यात्रा
प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास से निकलने के बाद कुछ देर के लिए समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर रखा गया। परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है—उसी रीति का पालन यहां भी किया गया।
परिजनों ने दिया कंधा, समर्थकों की भारी भीड़
अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्य भी शामिल रहे। Shivpal Yadav के बेटे Aditya Yadav ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया। श्मशान घाट पर Arjun Yadav भी पहुंच चुके हैं।
शव वाहन पर दिखा पशु प्रेम का प्रतीक
प्रतीक यादव के पशु प्रेम को याद करते हुए शव वाहन पर उनकी एक खास तस्वीर लगाई गई है, जिसमें वह अपने पालतू कुत्तों और एक बंदर के साथ नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर पूरे जुलूस में लोगों का ध्यान खींचती रही।
रातभर शव के पास रहीं Aparna Yadav
अंतिम यात्रा से पहले पत्नी Aparna Yadav दोनों बेटियों के साथ रातभर पार्थिव शरीर के पास बैठी रहीं। उनकी भावुक हालत ने मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
मौत की वजह: कार्डिएक अरेस्ट, बीमारी भी थी गंभीर
डॉक्टरों के मुताबिक, 38 वर्षीय प्रतीक यादव की मौत कार्डिएक अरेस्ट से हुई। वह फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म से भी जूझ रहे थे, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंस जाता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कुछ चोटों का भी जिक्र है, जबकि विसरा जांच अभी जारी है।
13 दिन में दो बार पड़ा हार्ट अटैक
बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव को पिछले 13 दिनों में दो बार दिल का दौरा पड़ा था। 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें Medanta Hospital में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत संभली थी। लेकिन दूसरे अटैक में उनकी जान नहीं बच सकी।
बैकुंठ धाम में होगा अंतिम संस्कार
अंतिम यात्रा लखनऊ के बैकुंठ धाम की ओर बढ़ रही है, जहां अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिवार, समर्थकों और राजनीतिक जगत के लोग अंतिम विदाई देने पहुंच रहे हैं।




