The Red Ink
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump दो दिवसीय अहम दौरे पर बीजिंग पहुंच गए हैं, जहां उनका स्वागत बेहद भव्य अंदाज़ में किया गया। दौरे के पहले दिन चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ उनकी मुलाकात और द्विपक्षीय वार्ता ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
बीजिंग एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत, रेड कार्पेट बिछाया गया
ट्रंप के बीजिंग पहुंचने पर उनका स्वागत ब्रास बैंड, झंडों और नारों के साथ किया गया। एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाया गया था और चीन के उपराष्ट्रपति Han Zheng खुद उनका स्वागत करने पहुंचे। विशेषज्ञ इसे बीजिंग की ओर से उच्च स्तर के सम्मान के संकेत के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि 2017 के दौरे में ऐसा नहीं हुआ था।
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ऐतिहासिक मुलाकात
बीजिंग के प्रतिष्ठित Great Hall of the People में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच औपचारिक स्वागत समारोह हुआ। शी जिनपिंग खुद सीढ़ियों से उतरकर ट्रंप का स्वागत करने आए और दोनों नेताओं ने रेड कार्पेट पर हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों देशों के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई।
ट्रंप बोले- ‘आपके साथ होना सम्मान की बात’
शुरुआती संबोधन में ट्रंप ने शी जिनपिंग को “महान नेता” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते और बेहतर होने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे दुनिया के शीर्ष बिजनेस लीडर्स को अपने साथ लाए हैं, जिनमें Elon Musk और Jensen Huang जैसे दिग्गज शामिल हैं।
शी जिनपिंग का संदेश- प्रतिस्पर्धा नहीं, साझेदारी जरूरी
शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनकर काम करना चाहिए। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि वे दुनिया को स्थिरता दें और संबंधों का नया मॉडल पेश करें।
ताइवान मुद्दे पर चीन की सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान ताइवान का मुद्दा भी प्रमुख रहा। शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर इस मुद्दे को सही तरीके से नहीं संभाला गया, तो दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने ताइवान को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे संवेदनशील मुद्दा बताया।
तय समय से ज्यादा चली वार्ता, कई मुद्दों पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत करीब दो घंटे तक चली, जो तय समय से ज्यादा रही। इसके बाद ट्रंप के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया गया।
दुनिया की नजर इस मुलाकात पर
इस हाई-प्रोफाइल बैठक पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी हुई है। व्यापार, सुरक्षा और ताइवान जैसे मुद्दों पर लिए गए फैसले आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।




