The Red Ink
उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब Yogi Adityanath सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। राजभवन में आयोजित समारोह में 6 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आई।
भूपेंद्र चौधरी से शुरुआत, मनोज पांडेय भी बने मंत्री
कैबिनेट विस्तार में सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद सपा से बगावत कर भाजपा में आए मनोज पांडेय को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके अलावा अजीत सिंह पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा ने अलग-अलग क्रम में मंत्री पद की शपथ ली। इनमें कुछ को राज्यमंत्री और कुछ को कैबिनेट स्तर पर जिम्मेदारी दी गई।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
इस विस्तार में सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखा गया है:
1 ब्राह्मण चेहरा
3 ओबीसी वर्ग से
2 दलित समुदाय से
साथ ही अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर उनकी जिम्मेदारी बढ़ाई गई है।
पहले से खाली थे 6 पद, अब भरे गए
योगी सरकार में पहले से 6 मंत्री पद खाली चल रहे थे, जिन्हें अब भर दिया गया है। इससे पहले 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हुआ था। शनिवार को ही मुख्यमंत्री योगी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर नए मंत्रियों की सूची सौंपी थी, जिसके बाद आज शपथ ग्रहण हुआ।
नेताओं की प्रतिक्रिया
कैबिनेट विस्तार पर नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आई: केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि लंबे समय से लंबित फैसलों को अब लागू किया जा रहा है। मंत्री दया शंकर सिंह ने इसे क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का प्रयास बताया। मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि इससे सरकार और अधिक प्रभावी तरीके से काम करेगी।




