The Red Ink
ईरान ने इसराइल के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को फांसी दे दी है। देश की न्यायपालिका के अनुसार, दोनों पर खुफिया गतिविधियों में सहयोग और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के गंभीर आरोप थे।
कौन थे आरोपी
फांसी पाने वालों की पहचान याकूब करीमपुर और नासिर बकरज़ादेह के रूप में हुई है। ईरान का सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों की सजा को बरकरार रखा था।
क्या हैं आरोप
न्यायपालिका का कहना है कि याकूब करीमपुर ने युद्ध के दौरान मोसाद के साथ सक्रिय रूप से सहयोग किया और देश से जुड़ी अहम जानकारी साझा की। वहीं नासिर बकरज़ादेह पर आरोप है कि उन्होंने संवेदनशील इलाकों में गतिविधियां संचालित कीं और सरकारी व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर उसे मोसाद तक पहुंचाया। बताया गया कि उन्होंने नतान्ज़ जैसे महत्वपूर्ण परमाणु क्षेत्र से संबंधित सूचनाएं भी साझा कीं।
फांसी से पहले सामने आया ऑडियो
रिपोर्ट्स के अनुसार, सजा से पहले बकरज़ादेह की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि तीसरी बार सजा बरकरार रहने के बाद उन्हें किसी भी वक्त मौत का डर है।
स्वतंत्र पुष्टि नहीं, बढ़ी चिंता
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं हालिया संघर्ष के बाद ईरान में फांसी की घटनाओं में तेजी आई है, जिस पर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की सज़ाएं मानवाधिकारों के मानकों पर सवाल खड़े करती हैं।




