देशभर में बैंकिंग कामकाज ठप, 5-day working की मांग पर सड़कों पर उतरे कर्मचारी; लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन

5-day working की मांग को लेकर देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर खासतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में देखने को मिला। लखनऊ समेत कई शहरों में बैंक कर्मचारी प्रदर्शन करते नजर आए।

लखनऊ में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और ज्ञापन भी सौंपा।

5-day working की मांग पर बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल

UFBU ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। संगठन की प्रमुख मांगों में बैंकिंग सेक्टर में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है।

यूनियनों का कहना है कि 5-day working का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है और इस पर अब सरकार की ओर से स्पष्ट फैसला होना चाहिए।

UFBU में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात प्रमुख संगठन शामिल हैं। इनमें All India Bank Employees’ Association (AIBEA), All India Bank Officers’ Confederation (AIBOC), National Confederation of Bank Employees (NCBE), All India Bank Officers’ Association (AIBOA), Bank Employees Federation of India (BEFI), Indian National Bank Employees’ Federation (INBEF) और Indian National Bank Officers’ Congress (INBOC) शामिल हैं।

लखनऊ में कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

5-day working की मांग को लेकर लखनऊ में भी बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के जरिए बैंक यूनियनों ने सरकार और बैंकिंग प्रबंधन तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की।

बैंक यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगों पर अभी तक ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी वजह से UFBU ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

5-day working को लेकर क्या है बैंक यूनियनों की मांग?

बैंक कर्मचारियों की मांग है कि बैंकिंग क्षेत्र में सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज हो और सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाए। मौजूदा व्यवस्था में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार कार्य दिवस होते हैं।

UFBU के अनुसार, 2015 में हुए समझौते के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी लागू हुई थी। संगठन लंबे समय से बाकी शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने की मांग करता रहा है।

8 मार्च 2024 को हुए 12वें Bipartite

Settlement/9th Joint Note में भी पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित प्रस्ताव का उल्लेख किया गया था। UFBU के मुताबिक, प्रस्ताव में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी करके पांच दिन की कार्य व्यवस्था लागू करने की बात थी।

IBA के साथ बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात
5-day working के मुद्दे पर UFBU और Indian Banks’ Association (IBA) के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन 4 सितंबर 2026 की बैठक में मांगों पर कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद UFBU ने 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया।

इसके बाद 8 और 9 सितंबर को श्रम विभाग के स्तर पर भी सुलह की कोशिशें हुईं। AIBEA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इन बैठकों के बावजूद 5-day working पर कोई ठोस और सकारात्मक समयसीमा सामने नहीं आई। इसके बाद हड़ताल के फैसले को आगे बढ़ाया गया।

5-day working के साथ इन मुद्दों पर भी नाराजगी
बैंक यूनियनों का आंदोलन सिर्फ 5-day working तक सीमित नहीं है। UFBU ने सरकार की Performance Linked Incentive यानी PLI व्यवस्था और कुछ अन्य लंबित कर्मचारी मुद्दों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया है।

UFBU का कहना है कि PLI से जुड़े मुद्दे पर भी यूनियनों की आपत्तियां हैं और इस मामले में उनकी मांगों पर बातचीत की जानी चाहिए। इसी वजह से 11 सितंबर की हड़ताल को व्यापक मांगों से जोड़ा गया है।

ग्राहकों पर क्या पड़ा असर?

देशव्यापी हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बैंक शाखाओं में होने वाले नियमित कामकाज पर पड़ा। सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों में शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना बताई गई है।

11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। कुछ राज्यों में 14 सितंबर के गणेश चतुर्थी अवकाश के कारण बैंक शाखाओं की सेवाओं पर असर और बढ़ सकता है।

आगे भी बढ़ सकता है बैंक कर्मचारियों का आंदोलन
UFBU ने सितंबर और अक्टूबर में भी आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके अलावा मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।

इस तरह 5-day working का मुद्दा अब बैंक

कर्मचारियों और सरकार के बीच एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन और हड़ताल के जरिए बैंक यूनियनें सरकार पर जल्द फैसला लेने का दबाव बना रही हैं।

अब नजर इस बात पर है कि 5-day working समेत कर्मचारियों की अन्य मांगों पर सरकार और बैंकिंग संगठनों के बीच आगे की बातचीत से क्या समाधान निकलता है।

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