Baba Ramdev on BRICS Dinner विवाद के बीच योग गुरु रामदेव ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के गाला डिनर में परोसे गए शाकाहारी भोजन को लेकर उठे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। रामदेव ने कहा कि दुनिया मांसाहारी भोजन से शाकाहारी और अब वीगन जीवनशैली की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खाने के विकल्प को धर्म के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
रामदेव ने मंगलवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि दुनिया पहले मांसाहारी भोजन से शाकाहारी भोजन की ओर बढ़ी और अब वीगन जीवनशैली की तरफ आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर सवाल उठाने वालों को “बौद्धिक दिवालियापन” का शिकार बताया।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर के मेन्यू को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
Baba Ramdev on BRICS Dinner: बोले- खाने को धर्म से न जोड़ें
Baba Ramdev on BRICS Dinner के दौरान रामदेव ने कहा कि किसी व्यक्ति को क्या खाना है, यह उसकी अपनी इच्छा का विषय है। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य और विज्ञान के नजरिए से शाकाहारी भोजन को फायदेमंद बताया और वीगन भोजन को उससे भी बेहतर बताया।
रामदेव ने कहा कि खाने के इस विषय को धर्म के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक भोजन को लेकर बहस स्वास्थ्य, जीवनशैली और व्यक्तिगत पसंद के आधार पर होनी चाहिए, न कि धार्मिक नजरिए से।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की जीवनशैली में बदलाव हो रहा है और लोग धीरे-धीरे मांसाहारी भोजन से शाकाहारी तथा अब वीगन विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
BRICS Gala Dinner में क्या परोसा गया था?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान भारत मंडपम में गाला डिनर का आयोजन किया गया था। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, डिनर के मेन्यू में कई तरह के शाकाहारी भारतीय व्यंजन शामिल थे।
मेहमानों को पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, कैरट बीन पोरियल, ठक्कली बेले सारू, मिलेट पुलाव और बीट रूट रायता जैसे व्यंजन परोसे गए थे।
गाला डिनर के इस मेन्यू की चर्चा उस समय तेज हुई जब कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत में मांसाहार को लेकर टिप्पणी की।
राहुल गांधी ने किया 80% भारतीयों का जिक्र
इस विवाद के बीच राहुल गांधी ने एक्स पर दावा किया कि “80% भारतीय मांसाहारी हैं.” उनके इस दावे के बाद गाला डिनर के शाकाहारी मेन्यू को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई।
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद रामदेव ने भोजन की पसंद को धर्म से जोड़ने पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने बयान में शाकाहारी और वीगन भोजन को स्वास्थ्य तथा जीवनशैली के संदर्भ में बेहतर बताया।
हालांकि, राहुल गांधी का 80 फीसदी वाला आंकड़ा उनके द्वारा किया गया दावा है। इसे इस खबर में किसी स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
शाकाहारी से वीगन जीवनशैली तक की बात
रामदेव ने अपने बयान में भोजन की बदलती आदतों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया अब वीगन जीवनशैली की ओर बढ़ रही है। उनका तर्क था कि जिस तरह लोगों के बीच शाकाहारी भोजन को लेकर स्वीकार्यता बढ़ी है, उसी तरह वीगन भोजन की ओर भी रुझान बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भोजन का चुनाव व्यक्ति की अपनी इच्छा है। कोई व्यक्ति क्या खाता है, यह उसका निजी फैसला है, लेकिन स्वास्थ्य और विज्ञान के आधार पर शाकाहारी तथा वीगन भोजन को लेकर अपनी राय उन्होंने स्पष्ट तौर पर रखी।
BRICS Dinner Menu बना राजनीतिक बहस का मुद्दा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित गाला डिनर का मेन्यू अब सिर्फ खान-पान से जुड़ा विषय नहीं रह गया है। राहुल गांधी की टिप्पणी और उसके बाद रामदेव की प्रतिक्रिया ने इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बना दिया है।
एक तरफ राहुल गांधी ने भारत में मांसाहार करने वाले लोगों की संख्या को लेकर दावा किया, तो दूसरी तरफ रामदेव ने भोजन के चुनाव को धार्मिक नजरिए से देखने पर आपत्ति जताई।
रामदेव ने साफ तौर पर कहा कि भोजन को धर्म से जोड़कर देखने के बजाय इसे व्यक्ति की पसंद और स्वास्थ्य से जुड़े नजरिए से देखा जाना चाहिए। वहीं, ब्रिक्स गाला डिनर में परोसे गए व्यंजनों ने भारतीय खान-पान और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भोजन परंपरा को लेकर भी चर्चा को जन्म दिया है।
फिलहाल Baba Ramdev on BRICS Dinner प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है। गाला डिनर में परोसे गए शाकाहारी व्यंजनों को लेकर शुरू हुई चर्चा अब भोजन, व्यक्तिगत पसंद, स्वास्थ्य और धार्मिक नजरिए तक पहुंच गई है।




