Women’s Asia Cup Trophy को लेकर विवाद उस समय सामने आया, जब महिला एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। अब इस पूरे मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला टीम और अधिकारियों के बीच आपसी चर्चा के बाद सामूहिक रूप से लिया गया था और इस दौरान किसी तरह का झगड़ा या टकराव नहीं हुआ।
राजीव शुक्ला ने सोमवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रॉफी को लेकर आपस में चर्चा की गई थी और उसके बाद यह तय किया गया कि टीम मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी नहीं लेगी। उन्होंने साफ किया कि इसे किसी विवाद या टकराव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
Women’s Asia Cup Trophy पर राजीव शुक्ला की सफाई
Women’s Asia Cup Trophy को लेकर उठे सवालों के बीच राजीव शुक्ला ने कहा कि भारतीय टीम और अधिकारियों ने आपस में विचार-विमर्श करने के बाद ट्रॉफी लेने को लेकर फैसला किया था।
उन्होंने कहा कि इस फैसले में किसी तरह का झगड़ा या टकराव नहीं हुआ। शुक्ला ने यह भी कहा कि देवजीत सैकिया ने इस मामले में जो बात कही है, वह सही है।
उनके मुताबिक क्रिकेट मैच के दौरान अलग-अलग देशों के खिलाड़ी और अधिकारी एक ही जगह मौजूद होते हैं और एक-दूसरे से मिलते भी हैं। ऐसे में ट्रॉफी से जुड़े इस फैसले को लेकर बहुत ज्यादा आलोचना किए जाने की जरूरत नहीं है।
राजीव शुक्ला का बयान ऐसे समय आया है जब ट्रॉफी समारोह में भारतीय टीम के रवैये को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। उन्होंने इसे टीम और अधिकारियों द्वारा आपसी सहमति से लिया गया फैसला बताया।
ट्रॉफी समारोह में क्या हुआ?
महिला एशिया कप का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ट्रॉफी प्रदान की जानी थी। एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से भारतीय टीम के इनकार ने इस समारोह को चर्चा में ला दिया।
इसके बाद इस फैसले के पीछे की वजह को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने हालांकि इसे किसी व्यक्तिगत टकराव से जोड़ने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि टीम और अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और इसके बाद सामूहिक तौर पर फैसला लिया गया। शुक्ला ने इस घटनाक्रम को लेकर होने वाली आलोचना को भी उचित नहीं माना।
देवजीत सैकिया के बयान का भी किया समर्थन
राजीव शुक्ला ने बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया की ओर से इस मामले में दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सैकिया ने जो कहा है, वह बिल्कुल सही है।
शुक्ला ने क्रिकेट के माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि जब कोई मैच खेला जाता है तो वहां अलग-अलग देशों के लोग मौजूद रहते हैं और एक-दूसरे से मुलाकात भी होती है। उनके मुताबिक इसलिए ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले को लेकर इतनी आलोचना नहीं की जानी चाहिए।
इस तरह बीसीसीआई की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को टीम का सामूहिक फैसला बताया गया है, न कि किसी तरह के मैदान के बाहर टकराव के रूप में।
पाकिस्तान से भी आई प्रतिक्रिया
इस मामले पर पाकिस्तान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान की समाचार वेबसाइट द डॉन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार करने पर प्रतिक्रिया दी।
जियो न्यूज़ से बातचीत में तलाल चौधरी ने इस घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने इस दौरान भारत को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की और कहा कि ट्रॉफी लेने से इनकार करने से भारत की कथित “कूटनीतिक और सैन्य हार” मिट नहीं जाएगी।
तलाल चौधरी का यह बयान उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है। वहीं भारतीय पक्ष की ओर से राजीव शुक्ला ने इस मामले को टीम और अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद लिया गया सामूहिक फैसला बताया है।
क्रिकेट से जुड़ा मामला बना राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा
Women’s Asia Cup Trophy का मामला अब केवल ट्रॉफी समारोह तक सीमित नहीं रहा है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से इसे टीम का सामूहिक निर्णय बताया गया, जबकि पाकिस्तान की ओर से इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।
राजीव शुक्ला ने जहां किसी तरह के टकराव से इनकार किया, वहीं तलाल चौधरी ने अपने बयान में इसे भारत के खिलाफ राजनीतिक संदर्भ से जोड़ दिया। इससे दोनों देशों के बीच क्रिकेट से जुड़े मामलों पर होने वाली बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
फिलहाल बीसीसीआई का कहना है कि ट्रॉफी लेने का फैसला आपसी चर्चा के बाद सामूहिक रूप से किया गया था। राजीव शुक्ला ने यह भी संकेत दिया कि इस घटना को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है।




