Jayant Chaudhary on Akhilesh Yadav के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। जयंत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर वह पुरानी बातें खोलने लगे तो अखिलेश यादव के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुश्किल खड़ी हो सकती है।
जयंत चौधरी की यह प्रतिक्रिया अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणी और सीट बंटवारे से जुड़े विवाद के बीच सामने आई है। दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ समय से बयानबाजी तेज है। कभी ‘चवन्नी से रुपया’ तो कभी ‘G for Ganna’ और ‘J for Jat’ जैसे बयानों के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है। आज के बयान ने इस राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
Jayant Chaudhary on Akhilesh Yadav: ‘सब बातें खोल दूंगा तो…’
जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह पुरानी बातें सार्वजनिक कर देंगे तो अखिलेश के लिए स्थिति मुश्किल हो जाएगी। उनका बयान गठबंधन की राजनीति और दोनों दलों के बीच पुराने संबंधों को लेकर भी चर्चा में है।
जयंत का संकेत उन राजनीतिक घटनाक्रमों की ओर माना जा रहा है, जिनमें समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल पहले सहयोगी रहे हैं, लेकिन बाद में दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए। अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला तेज होता दिखाई दे रहा है।
नवभारत टाइम्स की आज की रिपोर्ट के मुताबिक, जयंत ने गठबंधन की मर्यादा और पुरानी बातों को सार्वजनिक नहीं करने की बात पर जोर दिया।
‘समाजवादी पार्टी अब PC बन गई है’
जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अब ‘PC’ बन गई है। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ ट्वीट करेंगे, रैली या सभा नहीं करेंगे।
जयंत का यह हमला ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पश्चिमी यूपी में RLD और SP के बीच राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी मुकाबला बढ़ रहा है।
दोनों पार्टियां कभी गठबंधन में चुनाव लड़ चुकी हैं। लेकिन अब RLD बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA का हिस्सा है और जयंत चौधरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं। दूसरी तरफ अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने में जुटे हैं।
‘G फॉर गन्ना’ से शुरू हुई थी नई जुबानी जंग
जयंत चौधरी ने इससे पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘G for Ganna’ और ‘J for Jat’ का नारा देकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। यह बयान अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया’ वाले तंज के बाद सामने आया था।
India Today की 7 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने गठबंधन में कुछ लोगों को ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन वे बाद में साथ छोड़ गए। इसके जवाब में जयंत ने ‘G for ganna, J for Jat’ का राजनीतिक संदेश दिया था।
इस बयान के जरिए जयंत ने पश्चिमी यूपी की राजनीति में गन्ना किसानों और जाट समुदाय को केंद्र में रखा था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना और किसान राजनीति लंबे समय से महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दे रहे हैं।
जाति नहीं, व्यक्ति के काम से पहचान की बात
जयंत चौधरी ने जातिगत राजनीति को लेकर भी अपना रुख रखा। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसकी अच्छाई और उसके काम से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने अपराध और जाति की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी अपराधी के बारे में यह नहीं देखा जाता कि वह किस जाति से है, बल्कि उसके अपराध को देखा जाता है।
जयंत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। पश्चिमी यूपी में जाट, गुर्जर और अन्य सामाजिक समूहों को लेकर SP और RLD की रणनीतियां भी चर्चा में हैं।
चुनाव के समय समाज में विभाजन की कोशिश का आरोप
जयंत चौधरी ने चुनावी राजनीति में समाज को बांटने की कोशिशों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कुछ लोग समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि राजनीति में व्यक्ति और उसके काम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक किसी नेता या व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति के बजाय उसके काम और व्यवहार के आधार पर होना चाहिए।
जयंत के इस बयान को पश्चिमी यूपी की मौजूदा राजनीतिक लड़ाई के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहां SP और RLD अपने-अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
2027 से पहले पश्चिमी यूपी में बढ़ी सियासी गर्मी
Jayant Chaudhary on Akhilesh Yadav का आज का बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है।
कुछ दिन पहले सहारनपुर में RLD की ‘स्वाभिमान रैली’ में भी जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर पलटवार किया था। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार चर्चा में है।
RLD अब NDA का हिस्सा है, जबकि समाजवादी पार्टी विपक्षी राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पश्चिमी यूपी में दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले और तेज होने की संभावना है।
आज के बयान ने इस टकराव में एक और नया अध्याय जोड़ दिया है। जयंत चौधरी की ‘बात खोल दूंगा’ वाली चेतावनी के बाद अब यह देखना अहम होगा कि अखिलेश यादव की ओर से इसका क्या जवाब आता है।




