The Red Ink
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच तेज हो गई है। इस केस में उत्तर प्रदेश से एक संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार युवक का कनेक्शन इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ा हो सकता है, जबकि परिवार इसे साजिश बता रहा है।
अयोध्या से गिरफ्तारी, बलिया का रहने वाला है आरोपी
बंगाल पुलिस ने यूपी के बलिया निवासी राज सिंह को अयोध्या से हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को शक है कि वह इस हत्या की साजिश या क्रियान्वयन में शामिल हो सकता है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से दो अन्य संदिग्ध—मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य—को भी पकड़ा गया है। तीनों को कोर्ट ने 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
राजनीति में कदम रखने की तैयारी में था राज
जांच के दौरान सामने आया है कि राज सिंह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता था। उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें और वीडियो भी मिले हैं। पड़ोसियों के मुताबिक, वह स्थानीय स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था और 2026 में ब्लॉक प्रमुख बनने का लक्ष्य रखे हुए था।
मां का दावा—“मेरे बेटे को फंसाया जा रहा”
गिरफ्तारी के बाद राज की मां जामवंती सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे का बंगाल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यूपी पुलिस की टीम ने बिना स्पष्ट कारण के उनके बेटे को हिरासत में लिया और बाद में बंगाल पुलिस को सौंप दिया। उन्होंने मामले की CBI जांच की मांग की है।
वकील ने उठाए गिरफ्तारी पर सवाल
राज सिंह के वकील ने गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया, जो कानूनी रूप से जरूरी होता है। उनका दावा है कि CCTV फुटेज में आरोपी घटना के समय अपने घर पर मौजूद था।
कैसे हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या?
6 मई को चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग की। रथ को सीने और पेट में गोलियां लगीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्लानिंग के साथ हुई हत्या, 8 लोगों की भूमिका संदिग्ध
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हत्या पूरी साजिश के तहत अंजाम दी गई। कम से कम 8 लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस को टोल प्लाजा से जुड़े एक डिजिटल पेमेंट के जरिए अहम सुराग मिला, जिससे आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
फर्जी नंबर प्लेट, पेशेवर शूटर्स का शक
घटनास्थल से बरामद कार और बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं। कार के चेसिस नंबर तक मिटाए गए थे। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में प्रोफेशनल सुपारी किलर्स शामिल हो सकते हैं। हमले में आधुनिक हथियार (ग्लॉक पिस्टल) के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ पूर्व वायुसेना अधिकारी थे, जिन्होंने VRS के बाद राजनीति का रुख किया। वे लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे और उनकी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
90 मिनट में अंजाम दी गई पूरी वारदात
रात करीब 9 बजे: रथ कोलकाता से घर के लिए निकले, 10 बजे: CCTV में उनकी गाड़ी नजर आई, 10:30 बजे: हमलावरों ने रास्ता रोककर फायरिंग की घटना के बाद: आरोपी बाइक से फरार हो गए।
जांच जारी, कई कड़ियां अभी बाकी
फिलहाल पुलिस इस केस की हर एंगल से जांच कर रही है। डिजिटल ट्रेल, CCTV फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




